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Thursday, 27 October 2011

कुर्मी समाज में उत्साह ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ कुर्मिक्षत्रिय महा संघ के सामाजिक सुधारों , आर्थिक सुधारों , राजनैतिक जागरूकता और साहित्यिक जागरूकता के आंदोलनों से समाज में जबरदस्त जागरूकता और उत्साह है | देश के विभिन्न प्रान्तों में लोग महा संघ से जुड़ रहे हैं | उत्तर प्रदेश में तो संघ की आंधी सी आई हुयी है , ग्रामों से लेकर शहरों तक | अब लगता है कि समाज जग गया है , आने वाले चुनाव में कुर्मी समाज अधिक से अधिक अपने प्रतिनिधि अवश्य भेजेगा | जहां से कुर्मी समाज का प्रतिनिधि नहीं है वहाँ भी उसको अपना मत देगा जो समाज के लिए ५ वर्षों तक काम करे | ऐसे दलों को जो समाज का वोट बांटने का काम करते आ रहे हैं , को इस बार सबक सिखाएगा | करोड़ों रूपये इन छोटे छोटे दलों ने समाज को बेच कर कमाए हैं उनसे समाज को हिसाब किताब पूरा करना है | उनके समाज के ठेकेदारों से कह दो कि वे अब हमारा वोट न बेचें , अब समाज को सत्ता चाहिए .......सिर्फ सत्ता | महासंघ के सत्ता और साहित्य के नारे से हम जाग चुके हैं , हम उन दलों में जायेंगे जो हमें सत्ता में भागीदारी दें , इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं | महा संघ से २५ से अधिक देशों के समाज के बंधू जुड़े हैं जो लगातार ब्लाग और वेब साईट से सम्बद्ध हैं , उनका सहयोग और सझाव प्राप्त है | महा संघ उत्तर प्रदेश में एक विशाल रैली आयोजित करेगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप क्षत्रपति शिवाजी के वंशज भाग लेंगे | इस रैली के संयोजन का कार्य उत्तर प्रदेश इकाई जोर शोर से कररही है | सभी को तिथि निश्चित होते ही सूचना दी जाएगी | जय पटेल |


कुर्मी समाज में उत्साह 
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कुर्मिक्षत्रिय महा संघ के सामाजिक सुधारों , आर्थिक सुधारों , राजनैतिक जागरूकता  और साहित्यिक जागरूकता के आंदोलनों से समाज में जबरदस्त जागरूकता और उत्साह है | देश के विभिन्न प्रान्तों में लोग महा संघ से जुड़ रहे हैं | उत्तर प्रदेश में तो संघ की आंधी सी आई हुयी है , ग्रामों से लेकर शहरों तक |
                                 अब लगता है कि समाज जग गया है , आने वाले चुनाव में कुर्मी समाज अधिक से अधिक अपने प्रतिनिधि अवश्य भेजेगा | जहां से कुर्मी समाज का प्रतिनिधि नहीं है वहाँ भी उसको अपना मत देगा जो समाज के लिए ५ वर्षों तक काम करे | ऐसे दलों को जो समाज का वोट बांटने का काम करते आ रहे हैं , को इस बार सबक सिखाएगा | करोड़ों  रूपये इन छोटे छोटे  दलों ने समाज को बेच कर कमाए हैं उनसे समाज को हिसाब किताब पूरा करना है | उनके समाज के ठेकेदारों से कह दो कि वे अब हमारा वोट न बेचें , अब समाज को सत्ता चाहिए .......सिर्फ सत्ता |
                            महासंघ के सत्ता और साहित्य के नारे से हम जाग चुके हैं , हम उन दलों में जायेंगे जो हमें सत्ता में भागीदारी दें , इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं |
                            महा संघ से २५ से अधिक देशों के समाज के बंधू जुड़े हैं जो लगातार ब्लाग और वेब साईट से सम्बद्ध हैं , उनका सहयोग और सझाव प्राप्त है |
                         महा संघ उत्तर प्रदेश में एक विशाल रैली आयोजित करेगा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप क्षत्रपति शिवाजी के वंशज भाग लेंगे | इस रैली के संयोजन का कार्य उत्तर प्रदेश इकाई जोर शोर से कररही है | सभी को तिथि  निश्चित होते ही सूचना दी जाएगी |
                         जय पटेल |

Wednesday, 26 October 2011

आयिये अब राष्ट्र में, दीप ऐसा हम जलाएं| मन के आँगन में बसे , हर घोर तम को हम भगाएं || रोलियां हर द्वार पर , आयिये हम मिल सजा दें , दीप के इस पर्व को हम, दीप उत्सव फिर मनाएं || राज कुमार सचान 'होरी'

आयिये   अब  राष्ट्र   में, दीप  ऐसा   हम     जलाएं|
मन  के आँगन में बसे , हर घोर तम को हम भगाएं ||
रोलियां  हर   द्वार पर , आयिये  हम  मिल  सजा दें ,
दीप  के  इस पर्व  को हम, दीप  उत्सव   फिर  मनाएं  ||
                     राज कुमार सचान 'होरी'   

Tuesday, 25 October 2011

for nationalism


जातियां कैसे मिटें ? लम्बवत संरचना से या क्षैतिज संरचना से ....वास्तव में देश में जातियों का ढांचा सदा ही उर्ध्वाधर रहा है , इसी कारण आपस में बराबरी न होने के कारण जातियों में आपसी तालमेल और रोटी बेटी  के संबंधों का घोर अभाव है |
                                बुद्ध , महावीर , स्वामी दयानंद ,आदि आदि आये गए पर जातियां  नहीं मिटीं | यदि क्षैतिज ढांचा रहा होता तो आपसी बराबरी होती , शादी व्याह होते और रोटी बेटी के सम्बन्ध होते | निश्चित ही जातियां मिटतीं और जाती व्यवस्था मिट गयी   होती |
                     इस सबके लिए हमें छोटी जातियों, पिछड़ी जातियों को ऊपर उठाना होगा ,उनको बराबरी पर लाना होगा |इन जातियों में सुधार और उत्थान के कार्यक्रम चलाने होंगे |
                राज कुमार सचान 'होरी'

Monday, 24 October 2011

HAPPY DEEWALI

दीवाली शुभ हो ............
 महा संघ के सदस्य और पाठक अनेक देशों में हैं | उनका सहयोग लगातार संघ को मिल रहा है | अपने समस्त पाठकों , सदस्यों और उनके परिवारों को दीपावली ,भैयादूज और छठ की बहुत बहुत शुभकामनाएं |
                  महासंघ के ईमेल पर सदस्यों, PATHKON से अनुरोध है की अपने विचार , समस्याएं , लेख कवितायेँ भेजते रहें , उन्हें प्रकाशित किया जायेगा |

Sunday, 23 October 2011

deewali ke dohe

दीवाली में सीखिए ,दीप दीप से स्नेह |
'होरी' अन्दर बाहरी , सजें सभी के गेह ||
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लक्ष्मी जी को पूजिए , कर गणेश का ध्यान |
'होरी' दीपक पर्व में , खुशियाँ मिलें सचान ||
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दीपमालिका में सजें , लक्ष्मी और  गणेश |
'होरी' हर कर तम सभी , हरें विघ्न औ क्लेश ||
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        राज कुमार सचान 'होरी'

Saturday, 22 October 2011

KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: LAKSHMI POOJA KE SAATH LEKHANI POOJA BHI

KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: LAKSHMI POOJA KE SAATH LEKHANI POOJA BHI: लक्ष्मी पूजा के साथ साथ लेखनी पूजा भी .... ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ कुर्मी किसान भाईओं जिनकी संख्या ९९% है ,का गरीबी से चोली दामन ...

LAKSHMI POOJA KE SAATH LEKHANI POOJA BHI

लक्ष्मी पूजा के साथ साथ  लेखनी पूजा भी ....
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कुर्मी किसान भाईओं जिनकी संख्या ९९% है ,का गरीबी से चोली दामन का साथ है | दीपावली में आप लक्ष्मी पूजन के साथ साथ लेखनी पूजन भी अवश्य करें |
                 लक्ष्मी आपको धन धान्य से संपन्न करेंगी ,लेखनी पूजने से सरस्वती प्रसन्न होकर आपको लेखन तथा विभिन्न कलाओं में आगे बढ़ाएंगी |
                             लेखक ,पत्रकार , साहित्यकार न होने  से समाज का सम्मान नहीं है , ब्राह्मण समाज की भाँती इन क्षेत्रों में समाज को आगे जाना होगा |
                       दीपावली की शुभकामना 

Thursday, 20 October 2011

KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: 99% villagers...[kurmis]

KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: 99% villagers...[kurmis]: भारत के कुर्मी ************* आज २०११ में भी देश में कुर्मी ,कुर्मिक्षत्रिय , पटेल आदि आदि लगभग १४०० उपजातियों में बटी यह जाति पूर्ण रूप से...

99% villagers...[kurmis]

भारत के कुर्मी 
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 आज २०११ में भी देश में कुर्मी ,कुर्मिक्षत्रिय , पटेल आदि आदि लगभग १४०० उपजातियों में बटी यह जाति पूर्ण रूप से ग्रामीण है | ९९% जनसँख्या ग्रामों में रहती है , इसका शहरीकरण न होने के कारण इसमें अन्य जातियों की तुलना में बेरोजगारी और गरीबी अधिक है |
               अचल संपत्ति से सदियों से जुड़े होने के कारण इसका चरित्र भी अचल है , आपस में लड़ना , एक दुसरे की बुराई करना ,कभी भी अपने लोगों की प्रशंसा न करना ....इसके जातीय लक्षण हैं |
               ग्रामों में बसे होने के कारण यह जाति बौद्धिक क्रियाकलापों से भी दूर रही |साहित्य ,लेखन तथा अन्य कलाओं में इसका योगदान शून्य है |
धर्म ,दर्शन, इतिहास तथा अन्य विषयों में इस जाति के द्वारा पुस्तकें न के बराबर लिखी गयीं | साहित्य में भागीदारी लगभघ  शून्य |
                  आईये महासंघ के शहरीकरण के अभियान को सब मिल कर सफल बनाएं |अपने अपने परिचितों को शहरों में तो बसायें ही ,अन्य लोगों को भी जागरूक करें |
           "सत्ता और साहित्य में भागीदारी " महासंघ का आन्दोलन है ,आईये आगे बढ़ें इक्कीसवीं सदी को पटेलों की सदी बनायें |
                        पटेल राज कुमार सचान 'होरी' 

Tuesday, 18 October 2011

KURMI, KISAN KA VIKAS

कुर्मी और अन्य कृषक समाजों की आर्थिक उन्नति ....
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आज भी कुर्मी समाज  की ९९% जनसँख्या ग्रामों  में रहती है और खेती करती है |खेती में किसानों  से पूछिए लागत अधिक आय कम |गेहूं और धान उत्पादक की हालत तो अत्यधिक बेहाल है | गांवों का तो विकास हुआ है पर किसानों का नहीं , किसान दिन प्रतिदिन और गरीब होता जा रहा है |आज गेहूं की लागत प्रति  कुंतल १८०० रूपये आती है और सरकारी मूल्य ११२०+५० मात्र प्रति कुंतल | इसी प्रकार धान की स्थिति है |दोनों मुख्या फसलों में जबरदस्त घाटा| किसान ...मुख्यतः कुर्मी गरीब तो होगा ही |
                                      महा संघ किसानों .कुर्मियों और राष्ट्र की उन्नति के लिए शासन के अनुसार लाभदायक खेती के लिए आन्दोलन चला रहा है | किसानों को चाहिए की वे मात्र परिवार की आवश्यकताओं  के लिए ही गेहूं और धान बोयें  ,शेष में सब्जियों , फूलों ,औषधीय पौधों ,आदि लाभदायक खेती करें |अपनी मेड़ों में सागौन और उकिलिप्तास के पेड़ लगायें | सागौन का एक पेड़ आज की कीमतों  में २० वर्षों में ३० से ४० हजार रूपये तक हो जाता है | यानि १०० पेड़ लगभग ३० से ४० लाख तक ....और १००० पेड़ ३ से ४ करोड़ रूपये तक |इस आय की कल्पना किसान की कई पीढियां मिलकर भी नहीं कर सकतीं | उकिलिप्तास का भी एक पेड़ ५ से ६ साल में २ से ३ हजार तक हो जाता है | मेड़ों में इन दोनों पेड़ों को मिक्स कर लगाना चाहिए |
                                    खेती में लाभदायी उत्पादन के साथ किसानों को पास के कस्बों में व्यापारों की ओर भी ध्यान देना चाहिए , परिवार के कम से कम एक सदस्य को नगरीय रोजगार जो विशेष कर कृषि से सम्बंधित हो करना चाहिए | इन सबसे आर्थिक विकास होगा और जब ८०% आबादी खुशहाल होगी तो देश खुशहाल होगा |
                                   कुर्मियों की आबादी आज भी गांवों में है , १% से भी कम नगरों में है | शहरीकरण न होने से भी यह समाज पिछड़ा है ....आर्थिक और राजनीतिक दोनों रूप से |
                                                                                             महा संघ का नारा है ........." सत्ता और साहित्य में भागीदारी "  इसके लिए भी शहरीकरण जरूरी है , राजनीतिकरण जरूरी है |समाज में जो युवक आगे नहीं बढ़ पाते और नौकरी नहीं पाते वे ही अच्छे नेता बन सकते हैं ,समाज के काम आ सकते हैं | हमें उन्हें आगे बढ़ाना होगा , भर्त्सना करने की आदत छोडनी होगी |वे ही शिवा जी और सरदार पटेल के रास्तों में चल सकते हैं | महा संघ उन सबको सपोर्ट करता है|
                साहित्य में भागीदारी से सदियों से ब्राह्मन समाज सबसे आगे रहा है ...आईये अधिक से अधिक पत्रकार साहित्यकार ...कवि और लेखक बनें |
                                                    सर्वांगीन विकास के लिए हम आप के साथ हैं  |