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Sunday, 7 August 2011

lucknow ki baithak

                        आज  अपरान्ह  इंदिरानगर , लखनऊ  में   अखिल भारतीय   कूर्मि  क्षत्रिय  महा  संघ   की  बैठक हुयी | पटेल श्री राज कुमार सचान  'होरी' राष्ट्रीय अध्यक्ष  तथा श्री हरिपाल सिंह  राष्ट्रीय  संरक्षक  की उपस्थिति में  बैठक  में  सत्ता  और  साहित्य  में  भागीदारी   पर  चर्चा हुयी , इन छेत्रों  में  जो  समाज  पीछे   होता  है  वही पिछड़ा  बन  जाता    है  | समाज में  कवि , लेखक , पत्रकार , राजनीतिज्ञों , सरकारी अधिकारिओं और  कर्मचारिओं  की  भारी  कमी  है  |  विशेष कर  कवियों , लेखकों , पत्रकारों  का तो  एकदम  टोटा  है , जबकि  ब्राह्मण    समाज  इन  क्षेत्रों   में  आगे  होने  के  कारण  ही   सदियों  से  सभी  से  आगे  रहा है | आज देश  और  दुनिया  में   प्रसिद्ध  श्री  'होरी'  जी  ही  एकमात्र   कवि , लेखक हैं |
                                 कई  महत्वपूर्ण  फैसले  लिए  गए  |बैठक में   निम्नांकित  मुख्य लोग उपस्थित रहे .......
श्री राजेश  सचान , अवध विहार ; श्री  कुलदीप सचान ,विमल्कुंज ; श्री रामसिंह वर्मा , कल्यानपुर ;  श्री  हरवंश  वर्मा , सेक्टर १६ indira नगर ; श्री  ब्रजेश  सचान  ए ब्लाक   ; श्री  नीरज  सचान सेक्टर  १९ ; श्री  महेंद्र   सचान , अवध विहार  श्री  राम बाबु सचान कल्यानपुर   आदि ने भाग  लिया  |

Saturday, 6 August 2011

21st august dharna

देश के समस्त जिला मुख्यालयों में २१ अगस्त को एक दिन का धरना  और राज्यपाल  , प्रधानमंत्री  को ज्ञापन  जिला अधिकारी को सौंपा जायेगा नियमानुसार  प्रशासन  से अनुमति लेकर कार्यक्रम को सफल बनायेंगे |
                  फोटोग्राफ , vidio भी तैयार करके email horisardarpatel @gmail .com पर भेजें | संघ और pateltimes पर प्रकाशित किया जायेगा 

KURMI KSHATRIYA MAHAA SANGH: INCREASIG READERS

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Friday, 5 August 2011

Fwd:



---------- Forwarded message ----------
From: <919984708227@mms1.live.vodafone.in>
Date: 2011/7/31
Subject:
To: horisardarpatel@gmail.com


क्रमशः--
।11।
बहुत हुए अब राग मल्हार ,
सावन की अब गयी बहार  ।
बीर रस की पड़े
फुहार ,
फाल्गुन मेँ ही अबकी
 बार ।
।12।
अनमोल रत्न् थे राष्ट्र
 हार  के ,
पछताते हैँ हर बार ।
महासंघ इक अवसर
 धागे सा ,
 गुँथ जायेँ अबकी बार।
।13।
 एक ही बस, आह्वाहन
 करता ,
 बस कर लो पुनः विचार
 सत्ता ही वह चाबी है ,
जो खोल सके हर द्वार ।
।14।
फिर से क्षत्रिय बन ही      जाओ
 सरदार,शिवा को   अपनाकर ।
अपना ही परचम् लहराओ ,
कल की बीती बात
भुलाकर ।
~सत्येन्द्र पटेल (फते0)

Fwd:

कवि सत्येन्द्र  पटेल  की रचनाएँ पढ़ें  

---------- Forwarded message ----------
From: <919984708227@mms1.live.vodafone.in>
Date: 2011/8/4
Subject:
To: horisardarpatel@gmail.com


 स
 -1-
कूर्मि-कूर्मि रटते रहे ,
स्वाभिमान घटाकर, आज तक ।
हल,खेत,हँसिया ,खुद भी अकेला ,
बन गयी पहचान तक ।।
     ।2।
क्षत्रिय से कायर हुआ ,
कुछ और कारण थे नही ।
अहंकार मे फंसा हुआ ,
स्व शक्ति को, समझा नही ।।
  ।3।
बन गये यदि, कुछ अगर ,
बदला पहले ,नेम सर ।
सिँह बने औ हुये निहाल,
ऐसा भी  कुर्मी का हाल ।।
  ।4।
अपनोँ को नीँचा दिखलाकर ,
गैरोँ का ये काम बनाते ।
उम्र तमाम गुजारेँ ऐसे ,
अपनोँ को ही ठुकराते ।
।5।
बरस तीस ,गुजरे हैँ ऐसे,
क्या करुँ?एक होँ  कैसे ?
'होरी' को सुधि रही सदा,
अच्छी लगती यही अदा।
।6।
अब तो एकजुट हो जाओ,
मत करो कुठाराघात ।
ऐसा कुछ कर जाओ ,
जो बन जाये सौगात ।
।7।
सौगात प्रेम की हो ऐसी,
 बन जाये एक मिशाल।
पटेल,शिवा की रुह कहे,
जियो हजारोँ साल ।
।8।
अब ऐसा भी करना होगा,
क्षत्रिय बन मरना होगा।
कठिन राह ,काँटोँ मे भी,
साथ संग चलना होगा ।
।9।
महासंघ इक अवसर सबका,
सबको गले लगाने का ।
पिछड़े हुये स्वराष्ट्र,   समाज को ,
विश्वपटल मेँ लाने का ।
।10।
जब जागो तभी सबेरा,
वक्त है अब, जग जाने का।
यह भी अधिक जरुरी है,
मत काम करो पछताने
का ।
.......सत्येन्द्र पटेल (फते॰)

INCREASIG READERS

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Thursday, 4 August 2011

to open email,facebook,twitter accounts

readers and office  bearers are requested to  open their accounts and accounts  of  their  relatives  and  friends  .  this  will help  you in  fast  communication .    our society  is  far far  behind  in  adopting  modern   ways  of  communication .  
                                    start  one month  movement  to open  as  much as you can . in whose  leadership maximum accounts  will be  opened   he  will be  honored  in  mahaa sangh's  function at  lucknow in septembar  last .
                                              with well wishes.